Manawar में बाल लैंगिक शोषण रोकथाम को लेकर 6 दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण शुरू

संवाददाता : कौशिक पंडित अर्पण संस्था और धार जिला प्रशासन की पहल, शिक्षकों को किया जा रहा प्रशिक्षित Manawar (धार): बच्चों की सुरक्षा और बाल लैंगिक शोषण जैसे गंभीर विषयों [...]

संवाददाता : कौशिक पंडित

अर्पण संस्था और धार जिला प्रशासन की पहल, शिक्षकों को किया जा रहा प्रशिक्षित

Manawar (धार): बच्चों की सुरक्षा और बाल लैंगिक शोषण जैसे गंभीर विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनावर में छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 जुलाई 2026 से 18 जुलाई 2026 तक सांदीपनी विद्यालय मनावर में आयोजित किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण का आयोजन धार जिला प्रशासन और मुंबई स्थित अर्पण संस्था के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की क्षमता का विकास करना है, ताकि वे बच्चों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को बेहतर तरीके से समझ सकें और उनका समाधान करने में सक्षम हो सकें।

शिक्षकों को बाल सुरक्षा के विषय में दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बाल लैंगिक शोषण की पहचान, रोकथाम और बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं।

शिक्षकों को यह बताया जा रहा है कि वे बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों को कैसे पहचानें, असुरक्षित परिस्थितियों को समझें और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाएं। साथ ही बच्चों को उनकी आयु के अनुसार सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के लिए भी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आवश्यक ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाना है, ताकि वे विद्यालयों में बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण तैयार कर सकें।

अभिभावकों और वयस्कों के लिए भी होंगे जागरूकता सत्र

प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक केवल स्वयं जागरूक नहीं होंगे, बल्कि वे आगे चलकर माता-पिता और अन्य वयस्कों के लिए भी जागरूकता सत्र आयोजित करेंगे।

इन सत्रों के माध्यम से समाज में बाल सुरक्षा को लेकर समझ विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। बच्चों को सुरक्षित रहने, अपनी बात खुलकर रखने और किसी भी असहज परिस्थिति में भरोसेमंद व्यक्ति से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

प्रशासन और शिक्षा विभाग का मिला सहयोग

इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।

कार्यक्रम के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धार श्री अभिषेक चौधरी, जिला परियोजना समन्वयक श्री अभिषेक यादव, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री मुन्नालाल ठाकुर एवं बीआरसी श्री किशोर कुमार बाघेश्वर का मार्गदर्शन और सहयोग रहा।

विकासखंड शिक्षा कार्यालय मनावर की ओर से अकादमिक समन्वयक श्री भरत बर्फा, श्री भागीरथ राठौड़, अशोक सोलंकी एवं जगदीश मुकाती ने प्रशिक्षण के आयोजन में सहयोग प्रदान किया।

वहीं प्रशिक्षण व्यवस्था में मनावर के जनशिक्षकों श्री सुरेश पाटीदार, प्रकाश वर्मा, महेंद्र अलावा, राजा पाठक सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अर्पण संस्था के विशेषज्ञ दे रहे प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुंबई स्थित अर्पण संस्था के मास्टर ट्रेनर श्री प्रशांत गीते एवं नुपूर मैडम द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों द्वारा बाल सुरक्षा, बच्चों के अधिकार, संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने और प्रभावी संवाद स्थापित करने जैसे विषयों पर जानकारी प्रदान की जा रही है।

बाल सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत है अर्पण संस्था

अर्पण संस्था एक पुरस्कार प्राप्त गैर सरकारी संस्था है, जो बाल लैंगिक शोषण की रोकथाम और बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।

संस्था द्वारा मुंबई सहित देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाल संरक्षण के क्षेत्र में विभिन्न जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। संस्था का उद्देश्य बच्चों को शोषण से मुक्त सुरक्षित भविष्य प्रदान करना और समाज में बाल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मनावर में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। शिक्षकों को प्रशिक्षित कर विद्यालय स्तर पर बाल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

आयोजकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए शिक्षक, अभिभावक और पूरा समाज मिलकर कार्य करें, तभी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हो रहा है।